या अल्लाह, जो कुछ तूने मेरी तक़दीर में लिखा है, उसी में मेरे दिल को राज़ी रख।
या अल्लाह, जो कुछ तूने मेरी तक़दीर में लिखा है, उसी में मेरे दिल को राज़ी रख।
या अल्लाह, जो कुछ तूने मेरी तक़दीर में लिखा है, उसी में मेरे दिल को राज़ी रख।