या अल्लाह, मेरी नीयत को साफ़ रख, चाहे मेरे अमल में कमी ही क्यों न रह जाए।
या अल्लाह, मेरी नीयत को साफ़ रख, चाहे मेरे अमल में कमी ही क्यों न रह जाए।
या अल्लाह, मेरी नीयत को साफ़ रख, चाहे मेरे अमल में कमी ही क्यों न रह जाए।