उगादी की सुबह ब्रह्ममुहूर्त में तेल स्नान करने की परंपरा है — शरीर और मन दोनों नए हों।
आम की मंजरी में बसंत की खुशबू है, तो उगादी में एक नए सफर की शुरुआत।
आज का दिन याद दिलाता है — कड़वाहट को निगलना भी हिम्मत है।
Wishing you a year where the sweetness outweighs the bitterness, but neither one is missing.
घर की देहरी पर आम के पत्तों का तोरण, नई शुरुआत का पहला संकेत है।