शब-ए-क़द्र शोर से नहीं आती, वो उन रातों में छुपी होती है जब आंखें जागते-जागते थक जाती हैं।
शब-ए-क़द्र शोर से नहीं आती, वो उन रातों में छुपी होती है जब आंखें जागते-जागते थक जाती हैं।
More Ramadan Dua Quotes
इफ्तार की वो पहली खजूर आपके रोज़े को मीठा और आपकी दुआ को असरदार बनाए।
इफ्तार की मेज़ पर जितने ज़्यादा अपने हों, बरकत उतनी ही बढ़ जाती है।
Ramadan Mubarak — may your fasts be light and your faith grow heavier with every passing day.
इफ्तार में पानी का पहला घूंट आपके लिए रहमत जैसा मीठा हो, रमज़ान मुबारक।