नमाज़ की नज़्म धीरे-धीरे मेरे किरदार की नज़्म भी बन जाए, यही दुआ है।
नमाज़ की नज़्म धीरे-धीरे मेरे किरदार की नज़्म भी बन जाए, यही दुआ है।
नमाज़ की नज़्म धीरे-धीरे मेरे किरदार की नज़्म भी बन जाए, यही दुआ है।