जब ज़बान अल्लाह के ज़िक्र में मशगूल हो, तो दिल में शिकवे टिक ही नहीं पाते।
जब ज़बान अल्लाह के ज़िक्र में मशगूल हो, तो दिल में शिकवे टिक ही नहीं पाते।
जब ज़बान अल्लाह के ज़िक्र में मशगूल हो, तो दिल में शिकवे टिक ही नहीं पाते।