इमाम हुसैन का बलिदान हर युग को याद दिलाता है कि झुककर जीने से बेहतर है सच के लिए खड़े रहना।
इमाम हुसैन का बलिदान हर युग को याद दिलाता है कि झुककर जीने से बेहतर है सच के लिए खड़े रहना।
More Muharram Quotes
कर्बला हमें सिखाती है कि सच्चाई को जीतने के लिए संख्या नहीं, केवल साहस चाहिए।
The thirst of Karbala was physical; the resolve that endured it was eternal.
History remembers few moments where truth stood so alone and so unshaken as it did at Karbala.
यह महीना हमें भीतर झांकने और खुद से पूछने के लिए कहता है कि सच के लिए हम क्या त्यागने को तैयार हैं।