गुरु पूर्णिमा उस ऋण को याद करने का दिन है, जो शब्दों से नहीं, समर्पण से चुकाया जाता है।
गुरु पूर्णिमा उस ऋण को याद करने का दिन है, जो शब्दों से नहीं, समर्पण से चुकाया जाता है।
गुरु पूर्णिमा उस ऋण को याद करने का दिन है, जो शब्दों से नहीं, समर्पण से चुकाया जाता है।