पिता, उन्हें क्षमा कर — यही शब्द क्रूस से गूंजते हुए आज भी हमें झकझोरते हैं।
पिता, उन्हें क्षमा कर — यही शब्द क्रूस से गूंजते हुए आज भी हमें झकझोरते हैं।
पिता, उन्हें क्षमा कर — यही शब्द क्रूस से गूंजते हुए आज भी हमें झकझोरते हैं।