गोलगोथा की उस पहाड़ी पर दर्द ने भी घुटने टेक दिए थे, जब प्रेम बोल उठा।
गोलगोथा की उस पहाड़ी पर दर्द ने भी घुटने टेक दिए थे, जब प्रेम बोल उठा।
गोलगोथा की उस पहाड़ी पर दर्द ने भी घुटने टेक दिए थे, जब प्रेम बोल उठा।