शेर पर सवार माँ को देखकर लगता है, हर मुश्किल हारने के लिए ही बनी है।
विसर्जन के आंसू असल में विदाई के नहीं, अगले साल के इंतज़ार के हैं।
जय माँ दुर्गे, जय माँ अंबे — इस पूजा में हर दुख का हो अंत।
Every dhunuchi dance is a small rebellion against a year of sitting still.
इस दुर्गा पूजा, हर घर में उजाला हो और हर मन में माँ का वास हो।