व्रती की आंखों में नींद नहीं, बस अगली सुबह के सूर्योदय का इंतजार है।
Sun worshipped at both ends of the day — because gratitude, like light, should never set fully.
सूर्य को जल चढ़ाकर हम असल में खुद के भीतर उजाला भरते हैं।
व्रत का हर पल तपस्या है, और डूबते सूरज को अर्घ्य उस तपस्या का उत्तर।
व्रत तोड़ने से पहले जो सब्र रखा जाता है, वही असली भक्ति है।