दूसरों के प्रति दया वही समझ पाता है, जिसने अपने भीतर के दुख को पहचाना हो।
दूसरों के प्रति दया वही समझ पाता है, जिसने अपने भीतर के दुख को पहचाना हो।
दूसरों के प्रति दया वही समझ पाता है, जिसने अपने भीतर के दुख को पहचाना हो।