आज का कष्ट ही कल की शांत समझ बन सकता है, यदि उसे सहजता से देखा जाए।
आज का कष्ट ही कल की शांत समझ बन सकता है, यदि उसे सहजता से देखा जाए।
आज का कष्ट ही कल की शांत समझ बन सकता है, यदि उसे सहजता से देखा जाए।