Wishing you a Navratri loud with dhol, bright with lehengas, and full of family.
जब ढोल बजे और चुनरी लहराए, समझ लेना माँ अंबे खुद आंगन में आई हैं।
हर रात एक नया रंग, हर रंग में छिपी माँ की एक नई कहानी।
माँ चंद्रघंटा की घंटी बजते ही हर बुरी शक्ति दुम दबाकर भाग जाती है।
कलश स्थापना के साथ ही घर में उतर आती है माँ की सौम्य उपस्थिति।