माँ दुर्गा के नौ रूप बताते हैं — शक्ति सिर्फ ताकत नहीं, धैर्य भी है।
अष्टमी की पूजा में जो कन्या के पैर छुए, वो सच में माँ को पहचानता है।
नौ दिन की भक्ति, नौ दिन का संयम — और फिर विजयादशमी की जीत।
नवमी की हवन अग्नि हमारे भीतर के सारे अहंकार को भी जला दे, यही प्रार्थना है।
नौ रातें, नौ शक्तियाँ, एक ही आस्था — माँ दुर्गा का आशीर्वाद सदा आप पर बना रहे।