आरती की थाली घुमाते हाथ कांपते नहीं, क्योंकि भक्ति में डर की कोई जगह नहीं।
आरती की थाली घुमाते हाथ कांपते नहीं, क्योंकि भक्ति में डर की कोई जगह नहीं।
आरती की थाली घुमाते हाथ कांपते नहीं, क्योंकि भक्ति में डर की कोई जगह नहीं।