जब कीमत चुकानी पड़े, तब भी न्याय के लिए खड़े रहना ही सच्ची आस्था है।
जब कीमत चुकानी पड़े, तब भी न्याय के लिए खड़े रहना ही सच्ची आस्था है।
जब कीमत चुकानी पड़े, तब भी न्याय के लिए खड़े रहना ही सच्ची आस्था है।