मेहंदी वाली रात, ढोल की थाप और सखियों का प्यार — बस यही तो है शादी की असली बहार।
मेहंदी वाली रात, ढोल की थाप और सखियों का प्यार — बस यही तो है शादी की असली बहार।
मेहंदी वाली रात, ढोल की थाप और सखियों का प्यार — बस यही तो है शादी की असली बहार।