संयम स्वयं को दंड देना नहीं, बल्कि एक माली की भांति अपने मन की धैर्यपूर्वक देखभाल करना है।
संयम स्वयं को दंड देना नहीं, बल्कि एक माली की भांति अपने मन की धैर्यपूर्वक देखभाल करना है।
More Mahavir Jayanti Quotes
महावीर ने संसार त्यागने को नहीं, संसार के मोह से मुक्त होने को कहा था।
The soul that owns nothing is finally free to belong to everything.
महावीर जयंती हमें स्मरण कराए कि शांति संघर्ष के अभाव में नहीं, अनुशासित हृदय की उपस्थिति में मिलती है।
Mahavira did not ask us to renounce the world, only to stop being owned by it.