संयम स्वयं को दंड देना नहीं, बल्कि एक माली की भांति अपने मन की धैर्यपूर्वक देखभाल करना है।
संयम स्वयं को दंड देना नहीं, बल्कि एक माली की भांति अपने मन की धैर्यपूर्वक देखभाल करना है।
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To master oneself is a harder and nobler conquest than to master an army.
जो मन आसक्ति से मुक्त है वही स्पष्ट देखता है, जो हृदय क्रोध से मुक्त है वही पूर्णतः प्रेम करता है।
हर जीव को जीने की इच्छा है, यही एक विचार हमारे हर कर्म और वचन का मार्गदर्शक बने।
May Lord Mahavir's teachings of peace guide your life always.