इस गुरुपर्व पर अरदास करें कि संगत का यह मेल-मिलाप साल भर हमारे दिलों में बसा रहे।
इस गुरुपर्व पर अरदास करें कि संगत का यह मेल-मिलाप साल भर हमारे दिलों में बसा रहे।
More Gurpurab Quotes
गुरुपर्व की सच्ची पहचान वह पंगत है जहाँ राजा और रंक एक ही थाली में बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
गुरुपर्व की रौनक सिर्फ सजावट में नहीं, संगत के इकट्ठा होकर एक स्वर में कीर्तन गाने में है।
गुरुपर्व की खुशियाँ तभी पूरी होती हैं जब हम किसी अजनबी को भी अपने परिवार जैसा प्रेम दे पाएं।
गुरुपर्व पर संगत के साथ बैठकर बांटा गया एक कौर, अकेले खाए गए भोग से कहीं ज्यादा पवित्र होता है।