He asked for nothing in return, yet gave everything He had.
उसकी पीठ पर पड़े कोड़ों ने हमारे घावों को भरने का मार्ग खोल दिया।
आज का सन्नाटा कल के पुनरुत्थान की तैयारी है — बस थोड़ा धैर्य रखें।
उसने काँटों का ताज पहना, ताकि हमें अनंत जीवन का मुकुट मिल सके।
Grief and grace shared the same afternoon on that first Good Friday.