काम से पाँच मिनट चुराइए — यह दोपहर आपकी भी है।
Lunch is done. Let the second half be easier than the first.
थोड़ी थकान, थोड़ी चाय, और थोड़ी सी मुस्कान — यही तो दोपहर है।
दोपहर का सूरज ढलने लगा है, आपकी थकान भी ढल जाए।
दोपहर के सन्नाटे में भी एक अपनापन छिपा होता है।