गणेश जी की सूंड टेढ़ी है, पर आशीर्वाद हमेशा सीधा दिल तक पहुँचता है।
बप्पा के दरबार में अमीर-गरीब सब बराबर — यही तो असली उत्सव है।
दूर्वा घास और सिंदूर से सजी हर पूजा में एक कहानी छुपी होती है।
विघ्नहर्ता आ रहे हैं — दरवाज़े सजाओ, दिल भी सजाओ।
He carries the weight of the universe yet balances it on one tusk. That's grace.