आज का दिन हमें आत्ममंथन का अवसर देता है, न कि केवल स्मरण का।
सेवा वह दीपक है जो दूसरों को रोशनी देते हुए स्वयं भी उजला होता जाता है।
गांधी जयंती हमसे पूछती है कि आज हमने सत्य के पथ पर कितने कदम चले।
प्रार्थना, मौन और उपवास को उन्होंने ऐसे अस्त्र बना दिया जो किसी भी सेना से अधिक प्रभावशाली थे।
May Gandhiji's ideals of truth and non-violence live on forever.
We use cookies for analytics and, where shown, to serve ads. By using wishyou.in you agree to our Privacy Policy.