तू वो शख़्स है, जिसके सामने कुछ सोच-समझकर बोलना नहीं पड़ता।
सच्चे दोस्त वही हैं जो बिना कहे सब समझ जाएं।
खरे मित्र तेच असतात जे न सांगता सगळं समजून घेतात.
Friendship is born at that moment when one person says to another, "What! You too?"
दग़ाबाज़ों की इस दुनिया में, एक वफ़ादार पाया है मैंने— तुझे अपना यार पाया है मैंने।