तू वो शख़्स है, जिसके सामने कुछ सोच-समझकर बोलना नहीं पड़ता। — S.S. Rawat
तू वो शख़्स है,
जिसके सामने कुछ सोच-समझकर बोलना नहीं पड़ता।
तू वो शख़्स है,
जिसके सामने कुछ सोच-समझकर बोलना नहीं पड़ता।