हर बूंद पानी की कीमती है, जब कुआं सूखता है तब समझ आता है कि नदी क्यों रोई थी।
हर बूंद पानी की कीमती है, जब कुआं सूखता है तब समझ आता है कि नदी क्यों रोई थी।
हर बूंद पानी की कीमती है, जब कुआं सूखता है तब समझ आता है कि नदी क्यों रोई थी।