Ashtami sindoor on your forehead, joy in your heart — that's the whole festival right there.
ढोल की थाप पर पैर खुद-ब-खुद थिरकने लगें, तो समझिए पूजा शुरू हो गई।
अंजलि के फूल हाथ में हों या न हों, मन में माँ के लिए जगह ज़रूर रखिए।
जहां भक्ति हो, वहां भय नहीं टिकता। शुभ दुर्गा पूजा।
आरती की लौ जितनी छोटी हो, अंधकार को मिटाने के लिए उतनी ही काफी है।