छठी मैया के दरबार में अमीर-गरीब सब बराबर, बस भक्ति का हिसाब चलता है।
छठी मैया के दरबार में अमीर-गरीब सब बराबर, बस भक्ति का हिसाब चलता है।
छठी मैया के दरबार में अमीर-गरीब सब बराबर, बस भक्ति का हिसाब चलता है।