गमछा बांधिए, ढोल बजाइए, आज असम की मिट्टी से जुड़ने का दिन है।
बांस की बांसुरी की धुन पर आज पूरा गांव नाचेगा।
इस रंगाली बिहू पर आपके घर में धन-धान्य की कोई कमी न रहे।
ढेकी की आवाज़ और पिठा की खुशबू — बिहू घर आ चुका है।
The gamosa you tie today carries a thousand blessings woven in red.