The season turns gold, and somewhere a child learns their first letter.
संगीत, साहित्य और कला — तीनों में मां सरस्वती का वास हो आपके जीवन में।
जिस दिन प्रकृति खुद पीला दुपट्टा ओढ़ ले, वह दिन बसंत पंचमी कहलाता है।
नई कलम, नई कॉपी, नई शुरुआत — बसंत पंचमी की यही तो पहचान है।
आज के दिन हर अधूरा सपना फिर से लिखने का हौसला मिले।
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