जिस दिन प्रकृति खुद पीला दुपट्टा ओढ़ ले, वह दिन बसंत पंचमी कहलाता है।
आज हर बच्चे की स्लेट पर पहला अक्षर मां सरस्वती की कृपा से उभरे।
सफेद वस्त्र, वीणा और हंस — मां सरस्वती की यह छवि हर मन में उतर जाए।
गीत अधूरा है, चित्र अधूरा है — आज ही उसे पूरा करने का दिन है।
आपकी बुद्धि का दीप कभी मंद न पड़े, यही आज की कामना है।