इस दिन खालसा पंथ की नींव पड़ी थी — गर्व से याद करो, सिर झुकाकर याद करो।
Wishing you a harvest of good health, laughter, and long-overdue peace.
बैसाखी की धूप में मेहनत की खुशबू है, मिट्टी की मिठास है।
क्या इससे बेहतर कोई शुरुआत हो सकती है — नया साल और नई फसल एक साथ?
Vaisakhi reminds us: what you plant with patience, you harvest with pride.