खालसा साजना सिर्फ इतिहास नहीं, हर पीढ़ी के लिए एक याद दिलाना है।
आज गुरुद्वारे की सेवा में जो सुकून है, वो कहीं और नहीं मिलता।
गुरु गोबिंद सिंह जी की वाणी आज भी दिशा दिखाती है — बैसाखी मुबारक हो।
The fields are gold, the sky is clear — go dance like nobody's watching.
गेहूं की बालियां झूम रही हैं, मानो खुद खुशखबरी सुना रही हों।