जिन खेतों में पसीना बहा, आज वहीं खुशियां लहलहा रही हैं।
क्या सुनहरी बालियों से ज़्यादा खूबसूरत कुछ और भी है?
इस बैसाखी घर की दहलीज़ पर खुशियों का पहला कदम रखे।
May this new beginning bring you closer to your dreams.
गेहूं की बालियां झूम रही हैं, मानो खुद खुशखबरी सुना रही हों।